Bank Update – 5 फ़रवरी 2026 से SBI पासबुक धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है, जिसे लेकर बैंकिंग ग्राहकों के बीच काफी चर्चा है। यह अपडेट खास तौर पर उन खाताधारकों को प्रभावित करेगा जो अब भी पासबुक पर लेनदेन दर्ज कराने और बैंक ब्रांच पर निर्भर रहते हैं। बदलते डिजिटल बैंकिंग दौर में SBI अपने सिस्टम को अधिक तेज, सुरक्षित और पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसी क्रम में पासबुक से जुड़े नियमों, अपडेट प्रक्रिया और उपयोग के तरीके में संशोधन किया जा सकता है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्राहकों को बेहतर सेवा देना, भीड़ कम करना और डिजिटल रिकॉर्ड को प्राथमिकता देना है। हालांकि पासबुक पूरी तरह बंद नहीं की जाएगी, लेकिन उसका उपयोग सीमित या वैकल्पिक हो सकता है। 5 फ़रवरी 2026 से लागू होने वाले इस बैंक अपडेट को समझना हर SBI खाताधारक के लिए जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके और समय रहते सही विकल्प अपनाया जा सके।

SBI पासबुक नियमों में संभावित बदलाव
SBI द्वारा प्रस्तावित इस बदलाव के तहत पासबुक अपडेट कराने की प्रक्रिया में नए नियम लागू किए जा सकते हैं। बैंक का फोकस अब मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल स्टेटमेंट पर अधिक रहेगा। ऐसे में पासबुक अपडेट मशीनों की संख्या घटाई जा सकती है या अपडेट के लिए सीमित समय तय किया जा सकता है। कुछ मामलों में नियमित लेनदेन करने वाले खाताधारकों को डिजिटल स्टेटमेंट अपनाने की सलाह दी जा सकती है। इसके अलावा, लंबे समय से निष्क्रिय खातों की पासबुक अपडेट कराने से पहले KYC सत्यापन अनिवार्य हो सकता है। बैंक का मानना है कि इससे धोखाधड़ी पर रोक लगेगी और रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित रहेगा।
डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने की तैयारी
5 फ़रवरी 2026 से SBI का यह कदम डिजिटल बैंकिंग को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। बैंक चाहता है कि अधिक से अधिक ग्राहक ई-स्टेटमेंट, SMS अलर्ट और मोबाइल ऐप का उपयोग करें, जिससे लेनदेन की जानकारी तुरंत मिल सके। डिजिटल माध्यम न सिर्फ तेज हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हैं। पासबुक प्रिंटिंग और मैन्युअल अपडेट में समय और संसाधन दोनों अधिक लगते हैं।
पासबुक धारकों को क्या तैयारी करनी चाहिए
इस बदलाव से पहले SBI पासबुक धारकों को कुछ जरूरी तैयारियां कर लेनी चाहिए। सबसे पहले अपने खाते की KYC जानकारी अपडेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि नए नियमों में यह अनिवार्य भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को खाते से लिंक कराना फायदेमंद रहेगा, ताकि डिजिटल अलर्ट और स्टेटमेंट समय पर मिल सकें। जो ग्राहक अभी तक इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग का उपयोग नहीं करते हैं, उन्हें इसे सीखने की कोशिश करनी चाहिए। बैंक की शाखाओं और हेल्पडेस्क पर इसके लिए मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकता है।
क्या पासबुक पूरी तरह बंद हो जाएगी
कई ग्राहकों के मन में यह सवाल है कि क्या 5 फ़रवरी 2026 के बाद पासबुक पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। फिलहाल ऐसी संभावना कम है। SBI जैसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आमतौर पर किसी सुविधा को अचानक समाप्त नहीं करते। पासबुक उन ग्राहकों के लिए जरूरी है जो डिजिटल माध्यमों से सहज नहीं हैं। इसलिए बैंक इसे पूरी तरह खत्म करने के बजाय वैकल्पिक या सीमित उपयोग की ओर ले जा सकता है। संभव है कि पासबुक केवल विशेष अनुरोध पर या चुनिंदा खातों के लिए उपलब्ध रहे। इसका मतलब यह है कि पासबुक रहेगी, लेकिन प्राथमिकता डिजिटल बैंकिंग को दी जाएगी।
