8th Pay Commission Today – 8वें वेतन आयोग को लेकर भले ही देरी की खबरें सामने आ रही हों, लेकिन केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए यह देरी नुकसान के बजाय फायदे का सौदा साबित हो सकती है। पिछले वेतन आयोगों के अनुभव बताते हैं कि जब भी आयोग लागू होने में समय लगता है, तो एरियर की रकम उतनी ही बड़ी बन जाती है। यानी जितनी देर, उतना ज्यादा बकाया। मौजूदा समय में महंगाई दर लगातार ऊपर-नीचे हो रही है और सरकार डीए में नियमित बढ़ोतरी कर रही है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अगर देरी से लागू होती हैं, तो फिटमेंट फैक्टर, बेसिक सैलरी और पेंशन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। इसका सीधा फायदा लाखों कर्मचारियों को एकमुश्त एरियर के रूप में मिल सकता है, जो कई मामलों में लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इसलिए देरी को केवल नकारात्मक रूप में देखना सही नहीं होगा।

देरी से कैसे बढ़ता है एरियर का फायदा
जब किसी वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में समय लगता है, तो सरकार आमतौर पर उन्हें पिछली तारीख से प्रभावी करती है। इस स्थिति में कर्मचारियों को नए वेतन और पुराने वेतन के अंतर की पूरी राशि एरियर के रूप में मिलती है। अगर 8वें वेतन आयोग में भी यही फार्मूला अपनाया गया, तो देरी का हर महीना कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त लाभ जोड़ता जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि नए वेतन में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होती है और यह बढ़ोतरी एक या दो साल बाद लागू होती है, तो कुल बकाया राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। इसके अलावा डीए मर्जर और नए डीए कैलकुलेशन से भी एरियर की रकम और बढ़ जाती है। यानी इंतजार लंबा होगा, लेकिन भुगतान भारी हो सकता है।
पेंशनधारकों को भी मिलेगा बड़ा लाभ
8वें वेतन आयोग की देरी का फायदा केवल कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनधारकों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकता है। पेंशन का निर्धारण अंतिम वेतन के आधार पर किया जाता है, इसलिए जैसे ही नया वेतनमान लागू होगा, पेंशन में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी। अगर आयोग की सिफारिशें पिछली तारीख से लागू होती हैं, तो पेंशनधारकों को भी एरियर के रूप में बड़ी राशि मिल सकती है। कई मामलों में यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी सेवा अवधि लंबी रही है।
फिटमेंट फैक्टर में बदलाव से कितना फायदा
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। अगर फिटमेंट फैक्टर मौजूदा स्तर से बढ़ाया जाता है, तो बेसिक सैलरी में सीधा और बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 से बढ़कर 3.0 या उससे अधिक होता है, तो न्यूनतम वेतन में हजारों रुपये की बढ़ोतरी संभव है। देरी की स्थिति में यह बढ़ोतरी जब पिछली तारीख से लागू होगी, तो कर्मचारियों को इसका पूरा बकाया एक साथ मिलेगा।
इंतजार का मतलब नुकसान नहीं, रणनीतिक फायदा
कुल मिलाकर 8वें वेतन आयोग में देरी को केवल नकारात्मक खबर मानना सही नहीं है। इतिहास गवाह है कि देरी के साथ-साथ एरियर और कुल भुगतान की राशि भी बढ़ती जाती है। कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए यह एक तरह का मजबूरन किया गया निवेश बन जाता है, जिसका रिटर्न बाद में एकमुश्त मिलता है। सही योजना और धैर्य के साथ यह इंतजार भविष्य में बड़ी राहत दे सकता है।
