IMD Rain Alert – अगले 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर भारत और पूर्वी भारत के 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली-एनसीआर में देखने को मिल सकता है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है। कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। IMD के अनुसार कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी हो सकती है। किसानों, यात्रियों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

यूपी, बिहार और दिल्ली में क्यों बढ़ा बारिश का खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है, जिससे उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के ऊपर बारिश के बादल लगातार बन रहे हैं। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम हवाएं इन राज्यों तक पहुंच रही हैं, जो भारी बारिश का कारण बन रही हैं। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है, वहीं बिहार के उत्तरी इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। दिल्ली-एनसीआर में भी अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर तेज बारिश हो सकती है, जिससे सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
किन 6 राज्यों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
IMD की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली के अलावा झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में पहले से ही कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, ऐसे में आगे और बारिश हालात बिगाड़ सकती है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी तेज बारिश के कारण नदी-नालों में उफान आ सकता है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे वहां भी जलभराव की स्थिति बन सकती है। इन सभी राज्यों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
आम लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
लगातार हो रही बारिश के बीच आम लोगों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लोग अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, खासकर भारी बारिश के दौरान। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी रखने को कहा गया है। वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं और मौसम अपडेट पर नजर रखें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारियां
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए राज्य और जिला स्तर पर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कई जगहों पर कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। नगर निगम और स्थानीय निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या कम हो सके। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें और अफवाहों से बचें।
