IMD Rain Alert – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों के लिए देश के छह राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी खासतौर पर मानसून की सक्रियता तेज होने के कारण दी गई है, जिससे कई इलाकों में जलभराव, नदियों के उफान पर आने और भूस्खलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी युक्त हवाएं मानसून ट्रफ को मजबूत कर रही हैं, जिससे व्यापक वर्षा की संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खासतौर पर पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि यहां बारिश का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।

किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक अगले 72 घंटों में छह राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों के कई जिलों में 24 घंटे के भीतर 100 से 200 मिमी तक बारिश हो सकती है। तटीय और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ मूसलधार बारिश हो सकती है। खासकर शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित होने और ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। IMD ने इन राज्यों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने की सलाह दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
बारिश का जनजीवन और खेती पर असर
लगातार हो रही भारी बारिश का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भरने से यातायात बाधित हो सकता है, स्कूलों में छुट्टी की स्थिति बन सकती है और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है। वहीं किसानों के लिए यह बारिश दोहरी स्थिति पैदा कर सकती है। जहां एक ओर धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिलने से लाभ हो सकता है, वहीं अत्यधिक वर्षा से फसलों के डूबने और मिट्टी के कटाव का जोखिम भी है। IMD और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।
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प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी
भारी बारिश के अलर्ट के बाद राज्य और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आपदा प्रबंधन बलों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है और कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। शहरी निकायों को नालों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि बारिश से जुड़ी बीमारियों या आपात स्थितियों में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
आम लोगों के लिए IMD की सलाह
IMD ने आम नागरिकों के लिए भी कई जरूरी सुझाव जारी किए हैं। लोगों से कहा गया है कि वे भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी जरूर लें। बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में खुले मैदान और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं। IMD ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
