किस देश के लोग पत्थर खाते हैं? 95% लोग नहीं जानते GK Quiz

New GK Quiz – किस देश के लोग पत्थर खाते हैं? 95% लोग नहीं जानते – यह सवाल सुनने में अजीब लगता है, लेकिन इसका जवाब दुनिया की कुछ खास जगहों से जुड़ा है। दरअसल, कुछ देशों में “पत्थर खाना” सीधे तौर पर चट्टान खाने जैसा नहीं होता, बल्कि इसे मिट्टी या खनिज युक्त पत्थर के छोटे टुकड़ों के रूप में लिया जाता है। इस प्रथा को वैज्ञानिक भाषा में जियोफैगी कहा जाता है। यह परंपरा गरीबी, भोजन की कमी, सांस्कृतिक विश्वास और स्वास्थ्य से जुड़े कारणों से शुरू हुई। कई लोग मानते हैं कि इससे पेट की समस्याएं ठीक होती हैं या शरीर को जरूरी खनिज मिलते हैं। अफ्रीका, कैरिबियन और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह प्रथा आज भी देखी जाती है। हालांकि आधुनिक विज्ञान इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानता। यह GK सवाल इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि ज्यादातर लोग इसे सिर्फ मजाक समझते हैं, जबकि इसके पीछे गहरी सामाजिक और ऐतिहासिक सच्चाई छिपी हुई है।

GK Quiz (2)
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हैती में पत्थर जैसी मिट्टी खाने की परंपरा

ती वह देश है जहां पत्थर जैसी मिट्टी खाने की खबरें दुनिया भर में चर्चा में आईं। यहां बेहद गरीब इलाकों में लोग मिट्टी से बने खास “क्ले केक” खाते हैं। यह मिट्टी पत्थर जैसी सख्त होती है और इसमें नमक या तेल मिलाकर गोल आकार दिया जाता है। जब भोजन उपलब्ध नहीं होता, तब ये केक भूख दबाने के लिए खाए जाते हैं। कई लोगों का मानना है कि इससे पेट भरा रहता है और शरीर को कुछ खनिज भी मिलते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि इससे पोषण नहीं मिलता और कई बार गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। हैती की यह स्थिति देश की आर्थिक मुश्किलों और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी हुई है। इसलिए यह कहना गलत होगा कि लोग शौक से पत्थर खाते हैं; असल में यह मजबूरी और हालात की देन है।

अफ्रीकी देशों में जियोफैगी का चलन

अफ्रीका के कई देशों जैसे घाना, केन्या और नाइजीरिया में मिट्टी या पत्थर के छोटे टुकड़े खाने की परंपरा पुरानी है। यहां इसे पूरी तरह अजीब नहीं माना जाता, बल्कि कुछ समुदायों में यह सामान्य बात है। गर्भवती महिलाओं के बीच यह ज्यादा प्रचलित है, क्योंकि माना जाता है कि इससे मतली कम होती है और आयरन या कैल्शियम जैसे खनिज मिलते हैं। बाजारों में खास तरह की खाने योग्य मिट्टी तक बेची जाती है। हालांकि आधुनिक डॉक्टर इसे जोखिम भरा मानते हैं, क्योंकि इससे परजीवी संक्रमण और पेट की समस्याएं हो सकती हैं। इसके बावजूद सांस्कृतिक विश्वास इतने मजबूत हैं कि यह प्रथा आज भी जारी है। GK के नजरिए से यह तथ्य इसलिए रोचक है क्योंकि यह दिखाता है कि खान-पान की आदतें संस्कृति से कितनी गहराई से जुड़ी होती हैं।

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क्या पत्थर खाना सेहत के लिए फायदेमंद है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि पत्थर या मिट्टी खाने से शरीर को जरूरी खनिज मिलते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह पूरी तरह सही नहीं है। कुछ मिट्टी में खनिज जरूर होते हैं, लेकिन वे शरीर द्वारा आसानी से अवशोषित नहीं होते। उल्टा, इससे आयरन की कमी बढ़ सकती है क्योंकि मिट्टी आयरन के अवशोषण को रोकती है। इसके अलावा, इसमें हानिकारक बैक्टीरिया, सीसा या अन्य जहरीले तत्व हो सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा करने से पेट दर्द, कब्ज और आंतों में रुकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए डॉक्टर इसे आदत के रूप में अपनाने की सलाह नहीं देते। यह जानना जरूरी है कि कई जगहों पर लोग इसे मजबूरी या परंपरा के कारण करते हैं, न कि इसलिए कि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

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GK Quiz में यह सवाल इतना चौंकाने वाला क्यों है?

“किस देश के लोग पत्थर खाते हैं?” यह सवाल GK Quiz में इसलिए चौंकाता है क्योंकि यह हमारी सामान्य सोच से बिल्कुल अलग है। हम अक्सर मानते हैं कि खाने का मतलब सिर्फ अनाज, सब्जी या मांस होता है। लेकिन दुनिया में हालात, संस्कृति और विश्वास के आधार पर खान-पान की परिभाषा बदल जाती है। यह सवाल हमें वैश्विक असमानता, गरीबी और सांस्कृतिक विविधता के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। 95% लोग इसका जवाब इसलिए नहीं जानते क्योंकि ऐसी बातें स्कूल की किताबों में कम मिलती हैं। GK के लिहाज से यह सवाल न सिर्फ ज्ञान बढ़ाता है, बल्कि दुनिया को अलग नजरिए से देखने की समझ भी देता है।

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Author: Ruth Moore

Ruth MOORE is a dedicated news content writer covering global economies, with a sharp focus on government updates, financial aid programs, pension schemes, and cost-of-living relief. She translates complex policy and budget changes into clear, actionable insights—whether it’s breaking welfare news, superannuation shifts, or new household support measures. Ruth’s reporting blends accuracy with accessibility, helping readers stay informed, prepared, and confident about their financial decisions in a fast-moving economy.

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